बैंच वाइस के स्पिण्डल पर एक्मे थ्रेड कटी होती है  ।


 घड़ी साज वॉइस का प्रयोग किया जाता है ।


 किल को निकालने के लिए स्ट्रेट पेन हैमर का प्रयोग करते हैं ।


 क्रॉस हैमर की पैन हैंडल के क्रॉस की ओर क्रॉस होती है ।


 फिनिश्ड पार्ट पर चोट लगाने के लिए सॉफ्ट हैमर का प्रयोग करते हैं ।


 हैंड हैमर का आई होल टेपर सेंटर की ओर आकार होता है । 

 हैंड हैमर का आई होल अंडाकार का होता है ।


 बैंच वाइस के स्पिण्डल पर स्क्वायर थ्रेड्स कटी होती है ।


 बैंच वाइस को फिट करते समय उसके फेस की ऊंचाई लगभग कारीगर की कोहनी के बराबर और साथ ही वह अपनी बाजू मोड़कर उंगलियों को ठुड्डी से लगाकर खड़ा हो सके तक होनी चाहिए।


 बैंच वाइस की बॉडी कास्ट आयरन की बनी होती है ।


 बैंच वाइस भी इस प्रकार का फिक्सचर टूल होती है ।


 बैंच वाइस का साइज जॉ प्लेट की चौड़ाई लिया जाता है ।


 बैंच वॉइस की ऊंचाई कारीगर की कोहनी की ऊंचाई रखी गई है ।


 टूल मेकर्स वॉइस के जॉ प्लेन होते हैं


 बैंच वॉइस की जॉ  प्लेट टूल स्टील धातु की  बनाई जाती है।


 बैंच वॉइस की तुलना में स्वीवल बेस वॉइस को किसी भी कोण पर फिट कर सकते हैं ।


 वॉइस क्लैंप का उपयोग करने का कारण वर्कपीस को सही प्रकार से कसना है ।


 क्लैंप का प्रयोग कार्य की गति को रोकने के लिए किया जाता है।


 बल लगाने पर फ्लैक्सिबल होना चाहिए जिससे क्लैंपिंग डिवाइस की आवश्यकता नहीं है ।


 मशीन शॉप की कार्यों में वर्कपीस को ठीक प्रकार से पकड़ना चाहिए अन्यथा  जॉब तथा टूल खराब हो जाता है।


 वर्कपीस का मटेरियल लोकेटिंग तथा होल्डिंग पर आधारित नहीं है ।


 जड़ क्षेत्र में फोर्स बढ़ाने में वॉशर सहायक है।


  stainless-steel से स्टील रूल बनता है ।


 स्टील  रूल से एक्यूरेसी 0.5 एमएम प्राप्त की जाती है।


 30 मीटर तक लंबा स्टील टेप से नापा जाता है ।


 स्टील रूल का उपयोग डायरेक्ट रीडिंग लीनियर मेजरिंग औजार के रूप में किया जाता है ।


 आउटर डायमेंशन इनसाइड कैपिलर से मापा जाता है ।


 इंटरनल डाइमेंशन आउटसाइड कैपिलर से मापा जाता है


 कैपिलर के पॉइंट सेंटर तथा लेग टिप के बीच की दूरी तक कैपिलर का साइज मापते हैं ।


 वजन , लंबाई और चौड़ाई से कैपिटल साइज नहीं  नापा जाता है।


 जैनी कैलिपर एक लेग सीधा पॉइंटेड तथा दूसरी लेग सीधा जाकर पॉइंट पर अंदर की ओर मुड़कर बनावट होती है ।


 चेकिंग औजार ट्राई स्क्वायर है ।


 ट्राई स्क्वायर से अधिकतम एक्यूरेसी 0.002 एमएम प्राप्त की जा सकती है । 


 सेंटर हैंड का उपयोग  राउंड जॉब का सेंटर प्राप्त करने में किया जाता है ।


 प्रोटेक्टर हैंड का उपयोग एंगल मापने में किया जाता है ।


 L स्क्वायर का उपयोग दर्जी, बढ़ाई और मिस्त्री आदि के द्वारा किया जाता है ।


 ट्राई स्क्वायर के ब्लेड के नीचे अंडर कट जॉब पर कॉर्नर को स्थान देने के लिए  रखा जाता है ।


 90 डिग्री कोण में ट्राई स्क्वायर का प्रयोग जॉब को चेक करने में किया जाता है  ।


 हरमो फ्रोडाइट जैनी  कैलीपर का अन्य नाम है ।


 ब्लेड के बाहरी सीरियल से स्टॉक के अंदरूनी सिरे तक ट्राई स्क्वायर का माप व्यक्त किया जाता है ।


 कैलिपर की एक टांग सीधी नोक दार  तथा दूसरी टांग अंदर की ओर मुड़ी हुई होती हैं।


 कैलिपर का साइज पॉइंट से रिबिट के मध्य तक लिया जाता है ।


 साधारण कैपिलर माइल्ड स्टील धातु के बने होते हैं ।


 “L “स्क्वायर राजमिस्त्री, बढ़ई एवं शीट मेटल का औजार होता है ।


 मार्केटिंग करते समय बताई गई सरफेस को मार्केटिंग टेबल का सरफेस दिया जाता है।


 गाइड पिन यूनिवर्स सरफेस गेज के उस भाग का नाम है जो डाइम सिरे  की मदद से समांतर लाइन खींचने में सहायक है ।


 इंजीनियर वॉइस का साइज जॉब की चौड़ाई पर आधारित होता है।


 हाई कार्बन स्टील स्क्राड्बर पदार्थ के बने होते हैं ।


 डिवाइस के साइज का निर्धारण पिवॉट तथा पॉइंट के बीच की दूरी के द्वारा किया जाता है । 


 किसी एंगल प्लेट की मशीन भाग में बनाने का उद्देश्य दृढ़ता के लिए व विकृति रोकने के लिए है ।

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