एनविल कंपिलेशन सेट का भाग नहीं है।


 जेनी कैलीपर का दूसरा नाम ऑड लैग कैलीपर  है ।


 सेंटर पच का ग्राइंडिंग एंगल 90 अंश होता है ।


 स्टंपी स्क्रू ड्राइवर का दूसरा नाम टुंड है ।


 ट्विस्ट ड्रिल का मानक कटिंग कोण 49 है ।


 किसी जॉब में अंदरूनी चूड़ियां काटने के लिए सर्वप्रथम टेपर टेप चलाया जाता है ।


 कोर्स टाइप हेक्सा ब्लेड में कोर्स टाइप हेक्साब्लैड में 1 इंच में 14 से 18 दाते होते है।


 फ्लैट चीजल का कटिंग एंगल 45 से 60 अंश  पर रखा जाता है ।


 निडिल फाइल की लंबाई 4″-6″ होता है ।


 तिकोनी फाइल के कोन एक दूसरे से 60 अंश के कोण पर बने होते हैं ।


 फाइल को बनाने में कार्बन स्टील धातु को बनाने में कार्बन स्टील प्रयोग में लाई जाती है।


 बेंच वाइस कटिंग औजार नहीं है ।


 सरफेस प्लेट मार्किंग औजार नहीं है ।


 आई एस आई का अर्थ भारतीय मानव संस्थान है ।


 आजकल भारत में नापतोल के लिए सीजीएस प्रणाली प्रयोग में लाई जाती है।


 किसी जॉब या मशीन पार्ट की लंबाई, चौड़ाई, मोटाई मापने के लिए तीन विधियां प्रयोग की जाती हैं ।


 इंजीनियरिंग व्यवसाय में माप की दो प्रणालियां प्रचलित है।


 इंजेक्टर क्लीनिंग किट में नीडल सामान नहीं होता है। 


 वॉल्व स्प्रिंग कंप्रेसर का दूसरा नाम लॉक रिमूवल है । 


 टाइमिंग लाइन का एक सिरा बैटरी से तो दूसरा सिरा स्पार्क प्लग से जुड़ा होता है ।


 रिंग कम्प्रैक्स  को ऑपरेट करने के लिए एलन “key” आवश्यकता है।


 रिंग एक्सपेण्डरका सम्बन्ध रिग व पिस्टन से हैं।


 फुल डाई का प्रकार नहीं है।


 ताप परिवर्तन का सूत्र ℃= 5/8(°F – 32) है।


 माइक्रोमीटर द्वारा एक बेलनाकार रॉड का भार अत्यंत सूक्ष्मता से मापा जा सकता है।


 माइक्रोमीटर नट एवं बोल्ट सिद्धांत पर कार्य करता है ।


 मीट्रिक माइक्रोमीटर का लिस्ट काउंट 0.01 मिमी है।


 माइक्रोमीटर के रैचिट स्टाप का कार्य रीडिंग के लिए दबाव देना है ।


 माइक्रोमीटर की सोनिया शून्य त्रुटि को C स्पैनर द्वारा दूर किया जाता है।


● वर्नियर कैलिपर का सिद्धांत दो स्केलों का अंतर है।


 मुख्य स्केल एवं वर्नियर स्केल के इस डिवीजन का अंतर और पता होता है।


 एक कार्य की ऊंचाई स्लिप गेज द्वारा मापी जाती है ।


 कंबीनेशन सेट द्वारा जब की ऊंचाई, गहराई ,संकोणता की जांच की जाती है।


 डायल टेस्ट इंडिकेटर का सिद्धांत रैक पिनियन है ।


 कंबीनेशन सेट का भाग स्लीव नहीं है ।


 डायल टेस्ट इंडिकेटर 0.001 मिमी न्यूनतम माप है।


 दो मैचिंग पार्ट 2 के बीच फीलर गेज द्वारा गैस मापते हैं ।


 तार की मोटाई मापने में वायर गेज का प्रयोग होता है ।


 स्क्रू थ्रैड का पिच स्क्रु पिच गेज में प्रयोग होता है ।


 कार्य खंड की बाहरी व आंतरिक त्रिज्या रेडियस गेज द्वारा मापी जाती है।


 प्लस गेज का प्रयोग बाहरी व्यास मापने के लिए किया जाता है ।


 बोर डायल गेज द्वारा 0.1 में में शुद्धता तक मापी जा सकती है ।


 रेडियम गेज द्वारा उत्तल तथा अवतल त्रिज्या माप सकते हैं।


 स्क्रू ड्राइवर का संबंध चिपिंग से नहीं है ।


 चिपिंग शुरू करने की सही विधि कोने से शुरू कर के बीच में समाप्त करना है ।


 चिपिंग करने के लिए सर्वोत्तम फ्लैट चीजल है।


 हेक्सा ब्लेड के चयन में काटे जाने वाली धातु, धातु की हार्डनेस, धातु का आकार का महत्व नहीं है ।


 हैक्साइंग शुरू करने के लिए नॉच की मदद ली जाती है।

Leave A Reply